इंदौर/नीमच/भीलवाड़ा। सिखवाल समाज में सामाजिक एकजुटता, सादगी, संस्कार और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में आने वाले महीनों में तीन बड़े सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन होने जा रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर और नीमच तथा राजस्थान के भीलवाड़ा में होने वाले इन आयोजनों को समाज की सामाजिक समरसता और सहयोग की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।तीनों आयोजनों का उद्देश्य विवाह समारोहों में बढ़ते अनावश्यक खर्च को कम करना, जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देना तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक मंच पर जोड़ना है।इंदौर में 19-20 नवंबर को सामूहिक विवाहश्री पाँचपट्टी सिखवाल ब्राह्मण समाज पारमार्थिक एवं शैक्षणिक ट्रस्ट, इंदौर के तत्वावधान में तृतीया सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन 19 एवं 20 नवंबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम दलाल बाग, VIP रोड, फायर ब्रिगेड के सामने, इंदौर में आयोजित होगा।आयोजन में विधि-विधान से सामूहिक विवाह के साथ तुलसी विवाह का विशेष आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। पंजीयन/सहयोग राशि वर पक्ष और वधू पक्ष के लिए 21-21 हजार रुपये निर्धारित की गई है।संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9039731071, 8989761106, 9993797615 एवं 9826015126 जारी किए गए हैं।नीमच में 16 फरवरी 2027 को संस्कार-पर्वसिखवाल समाज विकास समिति, नीमच द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन 16 फरवरी 2027 को किया जाएगा। कार्यक्रम आम्रपाली रिसोर्ट, मेडिकल कॉलेज के सामने, नीमच में प्रस्तावित है।आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक परिवार को जोड़ते हुए सादगीपूर्ण और सम्मानजनक विवाह व्यवस्था उपलब्ध कराना है। आयोजन को सामाजिक सहयोग और संस्कारों के महापर्व के रूप में आयोजित किया जाएगा।पंजीयन एवं जानकारी के लिए 7869769238, 7974321433, 8319373292, 8839388044, 9827011909 एवं 9753933094 पर संपर्क किया जा सकता है।भीलवाड़ा में 28 फरवरी और 1 मार्च को महासमागमराजस्थान के भीलवाड़ा में श्रृंग ऋषि संस्थान के तत्वावधान में 28 फरवरी एवं 1 मार्च 2027 को भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आयोजन श्रृंग ऋषि संस्थान परिसर, भीलवाड़ा में होगा।सम्मेलन की खास पहल के तहत वर-वधू के गांवों के प्रत्येक घर तक पहुंचकर समाजजनों को आमंत्रित करने और उन्हें आयोजन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही तुलसी विवाह का भी विशेष आयोजन होगा।यहां प्रत्येक वर-वधू पक्ष के लिए सहयोग/पंजीयन राशि 11 हजार रुपये निर्धारित की गई है। आयोजन की जिम्मेदारी संस्थान अध्यक्ष किशनलाल उपाध्याय, सचिव कैलाश पांडिया, मीडिया प्रभारी विनोद सुखवाल सहित कार्यकारिणी के सदस्य संभाल रहे हैं।सामाजिक एकजुटता का संदेशसिखवाल समाज के इन तीनों सामूहिक विवाह सम्मेलनों में भौगोलिक दूरी अलग होने के बावजूद मूल भावना एक ही है—सादगीपूर्ण विवाह, बेटियों का सम्मान, सामाजिक सहयोग और समाज की एकता।आयोजकों ने समाजबंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने, विवाह योग्य युवक-युवतियों का समय पर पंजीयन कराने, सम्मेलनों का प्रचार-प्रसार करने तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार तन-मन-धन से सहयोग देने की अपील की है।समाजबंधुओं का कहना है कि सामूहिक विवाह केवल विवाह का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को मजबूत करने का माध्यम है। इन तीनों सम्मेलनों को सफल बनाने के लिए देश-विदेश में निवासरत सिखवाल समाज के लोगों से भी सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया है।जय महर्षि श्रृंग ऋषि। जय हिंद। जय सिखवाल समाज।















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