बिलासपुर में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस, प्रशासन और जनसहयोग से लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना का संचालन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के चप्पे-चप्पे को कैमरों की निगरानी में लाकर एक सुरक्षित और स्मार्ट बिलासपुर का निर्माण करना है।त्रिनेत्र योजना की मुख्य विशेषताएं:व्यापक निगरानी: शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अत्याधुनिक AI-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।बजट: सुरक्षा के इस विशाल नेटवर्क को स्थापित करने के लिए लगभग 10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये का प्रारंभिक अनुमान है।जन-भागीदारी: यह योजना पूरी तरह से जनसहयोग (व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों) की साझेदारी पर आधारित है, ताकि प्रशासन के साथ मिलकर शहर को सुरक्षित रखा जा सके।अपराध रोकथाम: इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी, जिससे चोरी, छिनतई, और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने और सुलझाने में काफी मदद मिलेगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने इस योजना की विस्तृत रूपरेखा साझा की।1000 कैमरों का अभेद्य सुरक्षा कवचयोजना के तहत शहर भर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन), हाई-रिजोल्यूशन बुलेट और पीटीजेड कैमरे शामिल हैं, जो शहर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे।अपराध नियंत्रण और यातायात में मिलेगी मददप्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यह परियोजना पुलिसिंग के स्वरूप को बदल देगी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से न केवल संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी, बल्कि यातायात नियमों के उल्लंघन, चोरी, लूट और सड़क हादसों जैसी घटनाओं की रोकथाम में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिलेगी। इसके लिए एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है, जहाँ से शहर की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जाएगी।














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