छत्तीसगढ़ शासन को करनी होगी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों स्पेशल एजुकेटर्स की भर्ती। नया रोजगार भी खुला- पीड़ितों की ओर से AOR सुप्रीम कोर्ट कौस्तुभ शुक्ला ने कि पैरवी ।

छत्तीसगढ़ शासन को करनी होगी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों स्पेशल एजुकेटर्स की भर्ती। नया रोजगार भी खुला- पीड़ितों की ओर से AOR सुप्रीम कोर्ट कौस्तुभ शुक्ला ने कि पैरवी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश – छत्तीसगढ़ में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के निर्देशनई दिल्ली/रायपुर, दिनांक मई 2026माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण “राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य” में आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से कौस्तुभ शुक्ला, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तथा, अधिवक्ता पलाश तिवारी द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विस्तृत एवं प्रभावी पैरवी की गई।सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) की शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है तथा राज्य सरकार को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में बताया गया कि राज्य में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों हेतु 03 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत भारतीय पुनर्वास परिषद Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष 38 पद शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test – TET) संबंधी विषय के कारण अब तक रिक्त हैं।आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से प्रस्तुत पक्ष में यह भी रेखांकित किया गया कि वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन संविदा आधार पर कार्यरत हैं तथा माध्यमिक स्तर पर 85 विशेष शिक्षक निश्चित मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि इन सभी 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों को उनके समस्त शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अभिलेखों सहित स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर प्रदान किया जाए। यदि वे Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता एवं अन्य आवश्यक पात्रताओं को पूर्ण करते हैं, तो उ नियुक्ति पर विधिसम्मत विचार किया जाए।सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों के मामलों पर निर्णय एवं पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात राज्य शासन शेष रिक्त पदों को भरने हेतु नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए स्वतंत्र होगा।अपने आदेश में न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण तथ्य भी दर्ज किया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 49,000 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं तथा राज्य में लगभग 3981 विशेष शिक्षकों की आवश्यकता है। न्यायालय ने समावेशी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।यह आदेश विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ राज्य में समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।

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