रायपुर, 6 अगस्त। किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में यदि अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले सामने आते हैं, तो इसे संभावित रोग प्रकोप का संकेत माना जा सकता है। ऐसे मामलों की समय पर जानकारी मिलने से स्वास्थ्य विभाग तत्काल जांच कर बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है। अब आम नागरिक भी ऐसी संदिग्ध घटनाओं की सूचना सीधे भारत सरकार के इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर दर्ज कर सकते हैं।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत शुरू की गई कम्युनिटी बेस्ड सर्विलांस (Community Based Surveillance) सुविधा के माध्यम से नागरिक ऑनलाइन संभावित रोग प्रकोप की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा सकते हैं।पोर्टल पर सूचना दर्ज करते समय नाम, मोबाइल नंबर, आयु, लिंग, पता, घटना का स्थान, तारीख और बीमारी का संक्षिप्त विवरण देना होता है। यदि उपलब्ध हो तो घटना से संबंधित फोटो या अन्य दस्तावेज भी अपलोड किए जा सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद सूचना संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंच जाती है, जो आवश्यकता पड़ने पर जांच और संपर्क की प्रक्रिया शुरू करते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रामक रोगों की रोकथाम में समय पर मिली सूचना सबसे महत्वपूर्ण होती है। शुरुआती स्तर पर जांच, सैंपल संग्रह और उपचार शुरू होने से बीमारी को महामारी का रूप लेने से रोका जा सकता है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि केवल सत्य एवं प्रमाणित जानकारी ही पोर्टल पर दर्ज करें और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से बचें।यदि आपके आसपास किसी क्षेत्र में अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले सामने आते हैं, तो उनकी सूचना IHIP पोर्टल पर अवश्य दें। आपकी एक जिम्मेदार सूचना कई लोगों की जान बचाने और संभावित महामारी को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।













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