9अगस्त/रायपुर
लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मनमोहन तिवारी का चर्चित किरदार निभाने वाले अभिनेता रोहिताश्व गौड़ रविवार को रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पत्रकारों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने अभिनय सफर, मनमोहन तिवारी के किरदार, धारावाहिक की लोकप्रियता और बदलते मनोरंजन माध्यमों पर खुलकर चर्चा की।रोहिताश्व गौड़ सातवें निर्मल पांडेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने रायपुर पहुंचे हैं। इसी दौरान रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारों के सवालों के सहज और रोचक अंदाज में जवाब दिए।11 वर्षों से दर्शकों के दिलों में ‘भाभी जी घर पर हैं’धारावाहिक में अपने किरदार को लेकर रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि ‘भाभी जी घर पर हैं’ को लगातार 11 वर्षों से दर्शकों का प्यार मिल रहा है। इसकी बड़ी वजह इसकी सरल, सहज और पारिवारिक कॉमेडी है। धारावाहिक की कहानी गली-मोहल्ले के आम जीवन और रोजमर्रा की परिस्थितियों से जुड़ी है, जिसके कारण दर्शक इसके किरदारों और घटनाओं से आसानी से जुड़ जाते हैं।उन्होंने मनमोहन तिवारी के किरदार के चयन से जुड़ी यादें भी साझा कीं और बताया कि यह किरदार उनके अभिनय सफर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।अनीता और अंगूरी भाभी के किरदारों में बदलाव का भी पड़ा असररोहिताश्व गौड़ ने धारावाहिक में अनीता भाभी और अंगूरी भाभी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियों में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक किसी किरदार को निभाने वाले कलाकार के बदलने से दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव प्रभावित होता है।उनके मुताबिक, कलाकार बदलने पर दर्शकों का किरदार के साथ बना संपर्क कुछ हद तक टूट सकता है और इसका असर धारावाहिक की लोकप्रियता पर भी पड़ता है। हालांकि उन्होंने कहा कि कलाकारों में बदलाव के बावजूद ‘भाभी जी घर पर हैं’ की मूल विषय-वस्तु और प्रमुख किरदारों के प्रति दर्शकों का जुड़ाव आज भी कायम है।Gen-Z के प्रदर्शन को बताया अधिकार, अभद्र भाषा पर जताई आपत्तिGen-Z युवाओं द्वारा अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों पर रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि अपनी बात और अधिकारों के लिए आवाज उठाना युवाओं का अधिकार है। हालांकि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों में भाषा और सामाजिक मर्यादा को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता था। युवाओं को अपनी मांगें मजबूती से रखनी चाहिए, लेकिन इसके साथ भाषा की गरिमा और सामाजिक संस्कारों का ध्यान रखना भी जरूरी है।वेब सीरीज में भाषा पर नियंत्रण के पक्ष मेंवेब सीरीज को मनोरंजन का प्रभावशाली और तेजी से लोकप्रिय होता माध्यम बताते हुए अभिनेता ने कहा कि इसने दर्शकों के सामने मनोरंजन के नए विकल्प खोले हैं। हालांकि उन्होंने वेब सीरीज में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक भाषा पर चिंता जताई।उन्होंने भाषा पर नियंत्रण और आवश्यक सेंसरशिप की जरूरत का समर्थन करते हुए कहा कि मनोरंजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।आसिफ शेख से दोस्ती का भी किया जिक्र‘भाभी जी घर पर हैं’ में अपने लंबे सफर को याद करते हुए रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि इस धारावाहिक ने उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार देने के साथ कई अच्छे रिश्ते भी दिए हैं। उन्होंने विभूति नारायण का किरदार निभाने वाले अभिनेता आसिफ शेख को अपना करीबी मित्र बताते हुए उनके साथ जुड़ी कई आत्मीय यादें साझा कीं।कार्यक्रम में रोहिताश्व गौड़ की पत्नी रेखा गौड़ भी मौजूद रहीं।इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा एवं राजेंद्र निगम, मिनल शर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, जाकिर घुड़सेना, चंदन साहू, संतोष साहू, नीरज मिश्रा और संजीव सिन्हा उपस्थित रहे।‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में सिनेमा, टेलीविजन, अभिनय और बदलते मनोरंजन माध्यमों को लेकर पत्रकारों और अभिनेता के बीच सार्थक एवं आत्मीय संवाद हुआ।














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