रायपुर, 2 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इनका उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।राजधानी रायपुर में आयोजित “स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस” राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता दी गई है। इससे अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस थाने ऑनलाइन हो चुके हैं और अब तक 1 लाख 97 हजार 547 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा शुरू होने से अपराध अनुसंधान को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए नौ नए साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और अधिकारियों-कर्मचारियों को नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इस अवसर पर रमेश सिन्हा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य बन सकता है। उन्होंने ई-साक्ष्य, ई-चालान, न्याय श्रुति और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी व्यवस्थाओं को न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने “वन डेटा, वन एंट्री” की अवधारणा लागू करने और न्याय प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


















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