नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बुनियादी ढांचे और फैकल्टी की कमी के कारण छत्तीसगढ़ के 5 नए प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है。 इन कॉलेजों के नहीं खुलने से राज्य में एमबीबीएस (MBBS) की 250 नई सीटें जुड़ने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है。किन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी नहीं मिली?एनएमसी (NMC) ने जिन पांच नए मेडिकल कॉलेजों के आवेदन खारिज किए हैं, वे हैं:दंतेवाड़ा (गीदम)मनेंद्रगढ़कुनकुरी (जशपुर)जांजगीर-चांपाकवर्धा (कबीरधाम)मान्यता रुकने का कारण:निरीक्षण के दौरान एनएमसी को इन कॉलेजों में पर्याप्त भवन निर्माण, लैब, जरूरी मेडिकल मशीनरी और नियमित फैकल्टी (प्रोफेसर/डॉक्टर) की कमी मिली。आगे की स्थिति:राज्य सरकार इन कमियों को दूर करके एनएमसी को दोबारा अपील करने की तैयारी कर रही है。 इस विषय में ताज़ा अपडेट्स और राज्य में काउंसलिंग प्रक्रिया की जानकारी के लिए आप चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।क्या आप छत्तीसगढ़ के मौजूदा सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, उनकी कुल सीटों या नीट कट-ऑफ के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं?।

वही इस मामले पर कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य विभाग कोमा में चला गया है 5 मेडिकल हॉस्पिटल को मान्यता नहीं मिल पाई।स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के निकम्मे पन के चलते 250 मेडिकल सीट दूसरे राज्य को चली गई, हजारों मरीजों को लाभ मिलता,,,लेकिन इस सरकार में किसी अधिकारी की एकॉउंटीबीलिटी तय नहीं होने के चलते वो चाहते ही नहीं कि छ ग में पर्याप्त अच्छे डॉक्टर हों,,अच्छे स्कूल और अच्छे टीचर हों।मुख्यमंत्री जी स्वास्थ्य मंत्री जी प्राइवेट हॉस्पिटल के उद्घाटन करके खुश हैं।सरकारी अस्पताल मेडिकल सुविधा सरकार की प्राथमिकता में ही नहीं है,,,उन अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए जो लाखों रु तनख्वाह लेकर भी छोटी मोटी ओपचारिकता तक पूरी नहीं कर पाते।












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