भीलवाड़ा। हरणी महादेव रोड स्थित ऋषि श्रृंग संस्थान वेद विद्यालय में वैदिक परंपरा के अनुरूप 11 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार श्रद्धा एवं वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और सनातन संस्कृति की गरिमा का विशेष वातावरण देखने को मिला।संस्थान के मीडिया प्रभारी विनोद सुखवाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ वेद विद्यालय के आचार्यों के निर्देशन में वेदपाठी बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। उपनयन संस्कार के दौरान 11 बटुकों ने पारंपरिक धोती, यज्ञोपवीत और शिखा धारण कर हाथ में दंड लेकर वैदिक शिक्षा एवं सनातन धर्म के आदर्शों के पालन का संकल्प लिया।संस्कार समारोह माता-पिता एवं परिजनों की उपस्थिति में पूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। आचार्यों ने यज्ञोपवीत संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन में ज्ञान, अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति का प्रथम चरण बताया।इस अवसर पर संस्थान के आचार्य रामदेव एवं सौरभ, सचिव कैलाश चंद्र पांडिया, भेरूलाल पांडिया, भगवती पांडिया, त्रिलोक, मोहनलाल टोपी वाले, सत्यदेव व्यास, गोपाल जोशी, रामकुमार पांडिया, राजेंद्र उपाध्याय, कैलाश व्यास, राधेश्याम पुरोहित, नरेश ओझा, बालूलाल, लक्ष्मीनारायण पांडिया सहित संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।संस्थान ने बताया कि “विद्या दानं महादानं” के संकल्प के साथ वेद विद्यालय में सनातन संस्कृति, वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य निरंतर किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी उपस्थितजनों ने संस्थान के प्रयासों की सराहना की।



















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